Wizard Pearl Farming Traning

मोती की खेती का प्रशिक्षण

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Cost and Income In Pearl Farming

Pearl Farming Traning

आज हम बात करते है मोती की खेती में लागात कितनी आती है और क्या क्या चीजों की आवशक्ता होती है ? मोती की खेती हम तालाब में या घर पर पानी की टंकियों में कर सकते है । एक सीप की कीमत होती है 7 से 10 रूपए के बीच में होती है । सीप की कीमत मौसम पर निर्भर करती है । बारिश के समय जब नदी नालो में पानी का जल स्तर उपर होता है तब सीप की उपलब्ध्ता कम हो जाती है इस कारण बारीश में सीप की कीमत में थोड़ा इजाफा हो जाता हैं । वैसे लगभग पुरे साल सीप की कीमत 10 रूपए से कम ही रहती हैं मान लीजिये हम 200 सीप का पालन करना चाहते हैं तो 10 रूपए प्रति सीप के हिसाब से 2000 रूपए सीप के हो जाते हैं फिर बाजार में सीमेंट के फर्मे या फिर प्लास्टिक की टंकी की कीमत लगभग 1000 रूपए होगी । सीप की सर्जरी करने के उपकरण लगभग 1000 से 1500 के बीच में आ जाते हैं अगर आप इम्पोर्टेड टूल का प्रयोग करना चाहते हैं तो उसकी कॉस्ट थोड़ी हाई होती हैं 2000 रूपए में मेडिसिन आदि आ जाती हैं । 2000 में अच्छी क्वालिटी के ऑक्ससीजन पंप और हीटर आ जाते हैं ओर डिज़ाइनर न्यूक्लिएस अगर बाहर से लेना चाहे तो इसकी कीमत 3 से 4 रूपए होती हैं । एक सीप में 2 डिज़ाइनर मोती बन सकते हैं ओर गोल मोती एक ही बनता हैं इसलिए हमें 200 सीप के लिए 400 डिज़ाइनर नूकलेस की जरुरत होगी, अगर हमें गोल मोती का उत्पादन करना है तो हमें राउंड नुकलेस की जरुरत होती है गोल नुकलेस की कीमत 5 से 7 रूपए होती है,इस कीमत में हमें इम्पोर्टेड गोल नुकलेस मिल जाता है । गोल नुकलेस एक सीप में एक डालते है,यहाँ नोट करने की बात ये है ही हम इन नुकलेस को अपने घर भी बना सकते है । ट्रेनिंग क्लास में हम आपको डिज़ाइनर और गोल नुकलेस दोनों को बनाने की विधि बताई जाती है । इस तरह 200 नुकलेस की कीमत 7 रूपए के हिसाब से 1400 होती है ,अब लगभग सारी लागत बता दी गई है लेकिन तालाब की लागत रहती है, तालाब की लागत यह है की इसकी सभी को अलग अलग पद सकती है अगर किसी के पास जमीन है तो बस उस जमीन में गड्ढा खोद कर काम चलाया गए सकता है अगर जमीन नहीं है तो पंचायत के तालाब को पट्टे पर लिया जा सकता है अत: तालाब की लागत अलग अलग हो सकती है । इस बताए गए एस्टीमेट में काफी खर्चे एक बार करने वाले है जैसे तालाब,टूल ,पानी की टंकी और ऑक्ससीजन पंप और हीटर आदि ।वैसे भी हमने यह पर सिर्फ 200 सीप को पालन का खर्चा बताया है ।200 सीप का पालन काफी छोटा होता है आप इस संख्या को अपनी सुविधा अनुसार जायदा कर सकते हो

 

अब तक हमने चर्चा की सिर्फ खर्चे की अब आते है मुनाफे पर,इंटरनेट पर कही पर मोती की खेती से होने वाले सही कमाई की जानकारी नहीं है,जानकारी तो है
परन्तु सही नहीं है,यूट्यूब पर दावे तो किये जाते है लाखो की कमाई के परन्तु वो सही नहीं है कुछ ऐसे वीडियो भी मौजूद है जिनको मोती की खेती से कुछ लेना देना है नहीं और कमाई के दावे काफी लम्बे चौड़े कर रखे है इसलिए अगर कोई ये सोच कर ट्रेनिंग के लिए आना चाहे की में महीनो के 2 -3 कमा लुगा तो आप गलत है,एक डिज़ाइनर मोती 60 से 200 के बीच में बिकता है कीमत मोती की गुणवत्ता को देख कर तय होती है डिज़ाइनर मोती हमें एक सीप से 2 मिलते है और गोल मोती की कीमत 300 से स्टार्ट होती है और ये मोती की गुणवत्ता के हिसाब से हजारो में भी जा सकती है

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Pearl Farming के लिए तालाब का निर्माण करना

पिछली पोस्ट में आपने पढ़ा की मोती कितने प्रकार के होते है इस पोस्ट में हम यह जानकारी प्राप्त करेंगे की Pearl Farming का स्ट्रक्चर कैसे तैयार करते है । साधारणत Pearl Farming दो तरीको से होती है
1 तालाब बना कर
2 पानी की टंकी में

पहले हम तालाब में Pearl Farming करने के तरीको के बारे में चर्चा करेंगे । तालाब में 10000 सीपो के लिए हमें 20 फ़ीट लम्बा 15 फ़ीट चौड़ाई और 7 -8 गहराई वाले तालाब का निर्माण करना होता है । सीपो की संख्या कम या ज्यादा होने की सूरत में तालाब का साइज इस अनुपात में छोटा या बड़ा कर सकते है ।फिर इसमें गोबर यूरिया और सुपर सिंगल फास्फेट मिला कर पानी को कम से कम 10 दिनों तक मैंटेन रखे जब तालाब में पानी रुकना स्थिर हो जाये तो इसमें 7 फ़ीट पानी भर देना चाहिए ।

अब बात करते है तालाब का बंदोबस्त करना शहरी इलाको में काफी मुश्किल है, इसका दूसरा उपाय यह है की तालाब की जगह पर हम पानी से भरी टंकियों का प्रयोग करे । इसके लिए हम किसी भी टंकी का प्रयोग कर सकते है,लेकिन यह ध्यान में रखे की टंकी का ऊपरी हिस्सा खुला रखे और टंकी हमारी सहूलियत के अनुसार 3 फ़ीट गहरी होनी चाहिए । टंकी में pearl Farming करने के लिए टंकी का छाया में होना जरुरी है । पानी की टंकी में पानी में कोई भी केमिकल नहीं होना चाहिए । 200 लीटर पानी की टंकी में कम से 400 सीप का पालन कर सकते है ऐसे ही अगर 100 लीटर वाली टंकी में 200 सीप आ सकती है

पानी की टंकी में मोती पालन

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Pearl Farming Traning , मोती कितने प्रकार का होता है

जहाँ तक हम जानते है मोती हमें सीप के द्वारा समंदर में मिलता है और यह प्राकृितक रूप में मिलता है ! तो हमारी यह जानकारी अधूरी है । यह हमें 3 रूपों में मिलता है । आइये जानते है

 

प्राकृितक मोती

मोती एक प्राकृितक रतन है जो सीप से पैदा होता है। हर देश में मोतियों की माँग बढ़ती जा रही है।भारत में मोती का उत्पादन होता है लेकिन फिर भी यह उत्पादन मोती की मांग के अनुसार काम मात्रा में होता है इसलिए हमें विदेशो से मोती आयात करना पड़ता है । प्राकृितक रूप से मोती का निर्माण इन अवस्था में होता है जब सीप के मुँह खुल्ला रहने की मुद्रा में कोई रेत का कण,कीट आदि सीप में प्रवेश कर जाते है ओर फिर सीप उनको बहार नहीं निकाल पाते,इस बाहरी कण के कारण सीप चुभन होती है इस चुभन के कारण सीप के शरीर से इस कण पर द्रव निकलता रहता है और इस द्रव की परत चढ़ती रहती है । इसी तरीके से प्राकृितक मोती का उत्पादन होता है । प्राकृितक मोती कैल्सियम कार्बोनेट,जैविक पर्दार्थो से बना होता है। प्राकृितक मोती का आकार कोई निश्चित नहीं होता यह किसी भी आकार में हो सकता है । लैंस से बड़ा देखने मोती पर लाइनिंग दिखाई देती है । प्राकृितक मोती की एक और खासियत होती है की ये चिकना और ठंडा होता है ।

नकली मोती

यह मोती लैब में या फिर कारखानों में तैयार किया जाता है । नकली मोती कठोर प्लास्टिक या केमिकल के द्वारा बनाये जाते है । नकली मोती का आकार इच्छा अनुसार छोटा बड़ा और पूर्ण रूप से गोल बनाया गए सकता है । नकली मोती को स्लिवर पाउडर कोटिंग करके असली जैसा रूप दिया जा सकता है ।नकली मोती का आकार एक जैसा हो सकता है । लैंस से बड़ा देखने पर नकली मोती पर सिर्फ कोटिंग दिखाई देती है

उपजाये हुवे मोती (Cultured Pearl )

मोती की खेती (Pearl Farming) से प्राप्त मोती में और प्राकृितक मोती में कोई जयादा अंतर नहीं होता दोनों प्रकार के मोती एक समान ही होते है । दोनों में अंतर सिर्फ इतना होता है की प्राकृितक तरीके में मोती रेत के कण,कीट आदि के कण सीप के अंदर जाने से बनते है और खेती में यही प्रकिर्या हमें अपने हाथो से करनी होती है,इसमें सीप के अंदर सर्जरी करके नुकूलिएस डालना होता है फिर नुकूलिएस से सीप को चुभन होती है ओर इस चुभन के द्वारा तरल द्रव की परत चढ़ती रहती है इस तरह प्राकर्तिक मोती का निर्माण होता है । खेती से प्राप्त में मोती में हम मोती के साइज को कण्ट्रोल कर सकते है जबकि प्राकृितक मोती में ऐसा नहीं हो सकता । उपजाए हुए मोती में हम विभिन तरीको के डिज़ाइनर नुकूलिएस डाल कर डिज़ाइनर मोती प्राप्त कर सकते है जैसे भगवान गणेश,शिव आदि की आकर्ति के मोती प्राप्त कर सकते है ।डिज़ाइनर मोती 9 महीनो में तैयार हो जाते है, गोल मोती 18 -24 महीनो में प्राप्त होते है |

मोती की खेती की ट्रेनिंग Pearl Farming Traning हमारे द्वारा करवाई जाती है । ज्यादा जानकारी के लिए संपर्क करे 9466916266 (Whatsup)