मोती की खेती

आज कल मोती की खेती का बहुत ज्यादा चलन है मोती की खेती को करके अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है ऐसा दावा करते है लोग परन्तु यह दावा कुछ हद तक ठीक भी है क्योकि मोती की खेती में लागत कम आती है और मुनाफा अच्छा होता है । उत्तर भारत में जहा आमतोर पर मीठे पानी में मोती होता है । मीठे पानी के सीप में गोल मोती बनाना मुश्किल होता है दूसरी तरफ अगर हम बात करे समुंद्री पानी के सीप की तो उस सीप का साइज थोड़ा बड़ा होता है और उसमे गोल मोती अच्छी तरह से बन सकता है । ऐसा नहीं है की मीठे पानी के सीप में गोल मोती नहीं हो सकता हो तो सकता है लेकिन मीठे पानी के सीप में सर्जरी के बाद सीप की मृत्यु दर काफी अधिक है,सर्जरी करना भी थोड़ा कठिन है हालांकि थोड़े अभ्यास से सर्जेरी करना काफी आसान हो जाता है परन्तु खेती करने की शुरुआत में जब मोती पालक को जब गोल मोती उपजाने की बात तब सोचनी चाहिए जब आपको सर्जरी का पूर्ण अभ्यास हो गया हो ।

डिज़ाइनर मोती

डिज़ाइनर मोती के लिए उत्तर भारत की जलवायु अनुकूल है,यहाँ पर मीठे पानी के सीप द्वारा डिज़ाइनर मोती बनाया जा सकता है ।
डिज़ाइनर मोती की सर्जरी करने के बाद अधिक देख भाल की जररूत नहीं रहती और अगर हमारे पास प्राकृतिक तालाब या फिर सीमेंट का बना हुवा तालाब है तो सीपो की मृत्यु दर काफी कम हो जाती है ।

डिज़ाइनर नुकलेस

बाजार में आजकल कुछ सुप्लायर्स द्वारा डिज़ाइनर नुकलेस उपलब्ध कराये जा रहे है जो की सीप पाउडर,रैपिड रिपेयर द्वारा बनाये जाते है
परन्तु इन नुकलेस का प्रयोग करना सीपो के लिए हानि करक होता है ,सीप पावडर के द्वारा बनाये नुकलेस में ऐरलडाईट मिलाया जाता है और रेपिड रिपेयर द्वारा बनाये नुकलेस में काफी हाई केमिकल का मिश्रण होता है जो सीपो के अंदुरनी अंगो को काफी नुक्सान पहुँचता है जिससे सीपो की मृत्यु दर
काफी अधिक हो जाती है इससे सीप पालक को काफी नुक्सान होता है

 

बलैक ड्गन नयुकलिएस

इससे बचने का एक एक उपाय है बलैक ड्रैगन नुकलेस इसका फायदा यह होता है इस इसको बनाने में किसी भी प्रकार के कैमिकल का उसे नहीं होता
हमारे द्वारा इसको प्रयोग किया गया और वास्तव में हमारी सीपो की मृत्यु दर आधी रह गई ।

इसको प्रयोग करते हुवे 3 महीने हो चुके है और अब तक का अनुभव ठीक ही रहा है