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About Wizard Pearl Farming

मोती एक रतन है जिसका प्रयोग आभूसणो में प्रचीन काल से होता आया है | प्राकृतिक रूप से मोती का निर्माण तब होता है जब कोई बाहरी कण सीप के अंदर चला जाता है और सीप उसको बाहर नहीं निकाल पाता फिर उस रेत के कण पर सीप कैल्सियम कार्बोनेट की परत चढ़ती रहती है | बाजार में नकली मोती की भरमार होती है | प्राकृतिक मोती का मिलना दुर्लभ होता है | मोती घोंघे की प्रजाति से मिलता है इन्हे हम सीप कहते है |

मीठे पानी के सीप को हम घर में तालाब बना कर या पानी की टंकी में पाल कर हम मोती की खेती भी कर सकते है | मोती की खेती से किसान और युवा फायदा उठा सकते है इसके लिए कुछ अधिक इंस्वेस्मेंट की जरुरत नहीं है | खेती शुरू करने से पहले सीप की जरुरत होती है ये हमें नदी नालो और तालाबों में मिल जाती है अनयथा सीप हमें 7-8 रूपए प्रति सीप मछुवारो से भी मिल जाती है फिर एक ओप्रशन के द्वारा सीप के अंदर शिव,बुध,हनुमान आदि के डिज़ाइन की बीड डाली जाती है या फिर गोल मोती के लिए गोल नुकलेस डाली जाती है | डिजायनदार मोती 9 महीनो में तैयारः होता है | गोल मोती 16 से 20 महीनो में बनता है | डिज़ाइनर मोती एक सीप से 2 प्राप्त होते है और गोल मोती एक सीप से एक प्राप्त होते है

लागत 5000 सीप के लिए
एक बार की लागत
1. तालाब (25 x 25 फीट) - 5000 रुपये, *
2. जाल - 2500 रुपये,
3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 2500 रुपये,
4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 2000
टोटल - 12000 रुपये

* बाल्टी, टैंक में भी फार्मिंग की लगात कम आती है

(b) निवेश :-
1. सीप - 7 रुपये,
2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये
3. दवाइयां - 100 रुपये

लाभ
बेहतर तरीके से देखभाल करने पर अगर हमारी सफलता की दर 50 % होती है तो एक सीप से 2 डिज़ाइनर मोती मिलते है और एक डिज़ाइनर मोती की कीमत 200 के आस पास होती है तो हमें प्राप्त 250 मोती x 200 = 50000 की इनकम होती है | मोती की गुणवत्ता बेहतर होने पर मोती का दाम भी बढ़ जाता है |

मोती की खेती कोन कर सकता है
छात्र - छात्राएं,किसान और नौकरी करने वाले इस खेती को कर सकते है | इस खेती में बहुत जायदा देखभाल की जरुरत नहीं होती | मोती की खेती को पार्ट टाइम भी किया जा सकता है

प्रशिक्षण कहा से ले
मोती की खेती का प्रशिक्षण लेने के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते है |हम 2 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यकर्म के तहत आपको सीप की पहचान करना ,चारा बनाना, नुकलेस बनाना ,सर्जरी करना और सर्जेरी के बाद की देखभाल के बारे में विस्तार से बताया जायगा |प्रशिक्षण के बाद भी हम आपका मार्गदर्शन करते रहेंगे

Call Ravi
Mob. 9466916266 (Call,Whatsup)

A pearl is a rattan which has been used in modern times since ancient times. The formation of a pearl naturally occurs when an external particle goes inside the oyster and the oyster cannot take it out, then the grains of that sands climb the layer of calcium carbonate. The market is full of fake pearls.Getting natural pearls is rare. Pearls come from the species of snails, they are called as Seep.

We can also cultivate pearls by making a freshwater oyster in the house or by making a pond in the water tank. Farmers and youth can take advantage of the cultivation of pearls, there is no need for more investment for this. Before the cultivation begins the oyster is needed; we get it in the river valleys and ponds and we can also get them from the fishermen for 7-8 rupees per oyster. Then through a process, the beads of designs of Shiva, Hanuman etc. or round bead for round pearl is kept inside the oyster. Designer pearls are ready in 9 months whereas the round pearl is formed in 16 to 20 months. Also, two designer pearls are obtained from an oyster and one round pearl obtained from one oyster

Cost for 5000 oysters

1. Pond (25 x 25 feet) - 5000, *

2. Traps - Rs 2500,

3. Tanks - 2 (post-surgery treatment) - Rs 2500,

Lab Equipment, Tool - 2000

Total - Rs. 12000

* Bucket, also the formation of the tank decreases in the tank

(b) Investment: -

1. oyster - 7 rupees,

2. Nucleus (imported) ** - Rs 5

3. Medicines - Rs 100

Pearl Farming Benefits

In case of production of pearls is carried out in a good manner and success rate is 50%. Then we get 2 designers pearls from one oyster and if the cost of a designer pearl is around 200. In such case, we earn 250 pearls x 200 = 50000 Rs. If the quality of a pearl is improved, the cost of pearls is also increased.

Who can perform pearl farming?

Students, farmers, and employers can do this farming. Th farming of pearls does not require much care and this can also be done part-time

Where to take Pearl Farming training from?

You can contact us for the Pearl Farming Training. We will tell you in detail under the 2-day training program about how to identify the oyster, make the food, perform surgery and along with post-surgery care. We will continue to guide you even after the training period.

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